आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0132 · भाग 24

गुरु जी, बचपन में मम्मी ने सिखाया था कि गलती अपनी ना हो तो भी किसी से झगड़ा नहीं करना, चुप रहना — यही आदत बन गई है। क्या यह सही है?

गलत बात है, ये गलत शिक्षा है। गलत करो मत, और कोई गलत करे तो छोड़ो मत — सीधी सी बात है। ये आदत छोड़िए। गलत करो मत, और कोई गलत आपके साथ करे तो अपने आप को इतना सामर्थ्यवान बना के रखो कि उसे ऐसा जवाब दो कि वो किसी और के साथ गलत करने से डरे। तुरंत रिएक्ट करना, हमेशा तुरंत बोलना चाहिए। समझदार बनो, मजबूर नहीं। अगर कोई मजबूर समझता है, बेवकूफ समझता है, तो उसे जवाब दो। कहा गया है — सीधे का मुंह कुत्ता चाटता है। इतने भी सीधे मत बनो कि कोई कुछ भी करके चला जाए और तुम देखते ही रह जाओ। इसीलिए तो अपराध बढ़ता जाता है — सही लोग बस चुपचाप बैठ के तमाशा देखते हैं, और फिर कहते हैं अपराध बढ़ रहा है। अपराध बढ़ने के जिम्मेदार आप हो, और कोई नहीं, क्योंकि गलत पे बोलते ही नहीं हो।

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वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08