प्रश्नोत्तर P24-0189 · भाग 24
गुरु जी, ये चीजें बुढ़ापे में ही नहीं, जवानी में भी दिख जाती हैं — शरीर में ताकत है तो पता चलने के बाद भी हम अनदेखा करके, दबा के जी रहे हैं। तो फिर बुढ़ापे में क्या होगा, क्या मानसिक यात्रा होगी?
अनदेखा करते हैं क्योंकि उसमें रस आ रहा है, इसलिए रस ले रहे हैं। बुढ़ापे में वो रस का स्रोत ही बंद कर देता है — इंद्रियां शिथिल हो जाती हैं, कमजोर हो जाती हैं, तब एक जगह घुटन में व्यक्ति जीता है। तब डिसीजन नहीं ले पाता। कहां से लेगा? जब गाड़ी का इंजन ही खराब है तो वो जाएगा कहां? तब मानसिक यात्रा नहीं होगी। जब तक इंद्रियां मजबूत हैं, तभी तक यात्रा होगी। गाड़ी का इंजन फेल तो सब गया — अगर आगे नहीं जा सकती तो पीछे भी नहीं जा सकती। अगर बहिर्मुखी यात्रा आप नहीं कर सकते, तो अंतर्मुखी भी नहीं कर पाओगे। सीधी सी बात है। जब तक आगे जाएगी, तभी तक पीछे रिवर्स आएगी; जब आगे जाना बंद हो गया, तो पीछे जाना भी बंद हो जाएगा।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27