प्रश्नोत्तर P31-0014 · भाग 31
गुरु जी, हमारे यहां ताला खोलने का काम एक कर्मचारी का है, पर वे हमारे आने से पहले कभी नहीं खोलते; हमें चाबी बनाकर दे देते हैं कि जो जल्दी आए वही खोले — तो क्या करें? और अगर ऐसी जगह में ठीक न हो पाए तो क्या इस्तीफा दे दें?
नहीं, तो आपको चाबी नहीं लेनी चाहिए; जाके गेट पे खड़े रहना चाहिए — हो सके तो एक कुर्सी लेके गेट पे बैठे रहो। कुछ भी हो जाए, धैर्य रखना पड़ता है। ज्यादातर लोग डरते हैं, एडजस्ट कर लेते हैं; पर वो आदमी जिस पद पे है, अगर वो काम नहीं करेगा तो उसका ग्रोथ कैसे होगा? पहले ठीक करने का प्रयास करिए। भागना उपाय नहीं — भागिए मत, लेकिन ठीक करने का पूरी तरह प्रयास करिए। देश, काल, स्थिति, परिस्थिति, डिपार्टमेंट सब अलग-अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्यक्ति को ना चाहते हुए भी समझौता करना पड़ता है; लेकिन उस समझौते में भी हमें अपनी ईमानदारी रखनी है। हम समझौता करेंगे लेकिन उसमें भी ईमानदारी रखेंगे; अपनी स्थिति देखेंगे, हम गिरेंगे नहीं — जिस पद पे हूं, उस पद का ही काम करूंगी।
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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27