प्रश्नोत्तर P31-0093 · भाग 31
गुरु जी, साक्षी भाव क्या है?
साक्षी भाव का मतलब — मैं अपने कर्म का खुद साक्षी हूं कि मैंने इस कर्म को ईमानदारी से किया, इसका साक्षी मैं खुद हूं। और मेरे द्वारा ऐसे कर्म हुए कि आज मैं परेशान हूं, इसका भी साक्षी मैं हूं। और अब मैं साक्षी भाव से इसमें से निकलने का प्रयास कर रहा हूं। मैं अपने कर्म को भोगने के लिए तैयार हूं और मैं आगे बढ़ना चाहता हूं अपने आत्मिक कल्याण में।
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