प्रश्नोत्तर P31-0164 · भाग 31
गुरु जी, अक्सर जब हम खुद को जानने में लग जाते हैं तो विचार शून्यता आती है, स्थिरता आती है। क्या हम सही राह पर हैं?
कोई बात नहीं, आने दीजिए। आप सही-गलत का निर्णय मत करिए, क्योंकि निर्णय जैसे ही करेंगे तो कर्ता का भाव प्रकट होगा; और कर्ता से मुक्त होने के लिए ही आप चिंतन कर रहे हो, मनन कर रहे हो, साधना कर रहे हो। निर्णय किया कि कर्ता का भाव प्रकट हो जाएगा, अहम भाव आ जाएगा और वह आपको गिरा देगा। निर्णय मत करो, बस आगे बढ़ते रहो।
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वीडियो: भगवान के दर्शन कैसे करें / #योगीजी_का_सत्संग #भगवान #दर्शन #satsang · 2024-07-12